त्यौहारभाई दूज: जब मृत्यु के देवता यमराज को मिला अमरता का वरदान
भाई दूज सिर्फ तिलक की रस्म नहीं, इसके पीछे है यमराज और उनकी बहन यमुना की अमर कथा। जानें कैसे इस दिन भाइयों को मिलता है अकाल मृत्यु से अभय का वरदान।
कुल 336 कथाएं — पढ़ें और साझा करें
त्यौहारभाई दूज सिर्फ तिलक की रस्म नहीं, इसके पीछे है यमराज और उनकी बहन यमुना की अमर कथा। जानें कैसे इस दिन भाइयों को मिलता है अकाल मृत्यु से अभय का वरदान।
देवासुर युद्धदेवासुर संग्राम के बाद पराजित असुर आखिर कहाँ जाते थे? जानिए पाताल लोक के उस रहस्य को, जो सिर्फ एक जेल नहीं, बल्कि एक अद्भुत और वैभवशाली दुनिया थी।
रामायणराम सेतु के तैरते पत्थरों का रहस्य क्या है? क्या यह केवल प्रभु राम के नाम का चमत्कार था या इसके पीछे कोई वैज्ञानिक कारण भी है? आइए, इस अद्भुत कथा के दोनों पहलुओं को जानें।
महाभारतमहाभारत के निर्णायक क्षण में कर्ण के रथ का पहिया धरती में क्यों धंस गया? यह केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि श्रापों और कर्मों का एक गहरा रहस्य था।
अन्य देवी-देवताक्या आप जानते हैं कि देवराज इंद्र का प्रसिद्ध अस्त्र 'वज्र' किसी धातु से नहीं, बल्कि एक महान ऋषि की हड्डियों से बना था? जानिए महर्षि दधीचि के त्याग की अद्भुत कथा।
रामरामायण की यह सुंदर कथा बताती है कि कैसे एक नन्ही गिलहरी ने राम सेतु निर्माण में मदद की और भगवान राम का आशीर्वाद पाया। जानिए इस कहानी का गहरा अर्थ।
कृष्णमहाभारत युद्ध समाप्त होने के बाद भगवान श्रीकृष्ण ने 36 वर्ष और इस धरती पर बिताए। जानें गांधारी के श्राप के बाद द्वारका में क्या हुआ और यादव कुल का अंत कैसे हुआ।
दुर्गाजब राज-पाठ और परिवार, सब कुछ छूट गया, तब एक राजा और एक व्यापारी ने माँ दुर्गा की शरण ली। जानिए दुर्गा सप्तशती की यह प्रेरक कथा कि कैसे उनकी भक्ति ने उनका जीवन बदल दिया।
गणेशक्या आप जानते हैं कि आपके प्रिय गणपति बप्पा भारत ही नहीं, बल्कि जापान में भी पूजे जाते हैं? जानें गणेश जी के बौद्ध स्वरूप 'कांगितेन' की अद्भुत कहानी।
हनुमानपवनपुत्र हनुमान को 'अष्टसिद्धि नवनिधि के दाता' क्यों कहते हैं? जानें माता सीता से मिले उस अद्भुत वरदान के बारे में जिसने उन्हें सर्वशक्तिमान बना दिया।
विष्णुभगवान विष्णु ने एक भक्त के श्राप को क्यों स्वीकार किया और पत्थर बन गए? पढ़ें शालिग्राम और वृंदा (तुलसी) की भावपूर्ण और रहस्यमयी कथा।
शिवभगवान शिव का त्रिशूल सिर्फ एक हथियार नहीं, बल्कि सृष्टि के तीन गुणों, तीन कालों और चेतना की तीन अवस्थाओं का प्रतीक है। जानें इसका गहरा आध्यात्मिक रहस्य।